अंजीर के फायदे, खाने का सही समय और मात्रा | Anjeer ke Fayde
सूखे अंजीर में क्या है, भिगोकर कैसे खाएँ, दिन में कितने खाएँ और शुगर वालों को क्या ध्यान रखना चाहिए।

अंजीर (Anjeer, fig) फ़ाइबर, पोटैशियम, कैल्शियम और आयरन से भरपूर सूखा मेवा है। सबसे आम तरीका है रात भर भिगोए 2–3 अंजीर सुबह खाली पेट खाना। फ़ाइबर की वजह से यह कब्ज़ में सहायक माना जाता है। इसमें प्राकृतिक शक्कर ज़्यादा होती है, इसलिए शुगर वाले इसे सीमित मात्रा में ही खाएँ।
- अंजीर (fig, Ficus carica) एक पौष्टिक सूखा मेवा है जिसमें फ़ाइबर, पोटैशियम, कैल्शियम और आयरन होता है।
- रात भर भिगोए 2–3 सूखे अंजीर सुबह खाली पेट खाना सबसे आम तरीका है।
- फ़ाइबर की वजह से अंजीर कब्ज़ में सहायक माना जाता है।
- सूखे अंजीर में प्राकृतिक शक्कर ज़्यादा होती है, इसलिए शुगर वाले सीमित मात्रा में लें।
- ज़्यादा अंजीर खाने से दस्त या पेट फूल सकता है।
अंजीर क्या है?
अंजीर Ficus carica पेड़ का फल है, जो भारत में ज़्यादातर सूखे मेवे के रूप में खाया जाता है। ताज़ा अंजीर मौसमी होता है, जबकि सूखा अंजीर साल भर मिलता है और इसमें पोषक तत्व ज़्यादा सघन होते हैं।
| भाषा | नाम |
|---|---|
| हिंदी / उर्दू | अंजीर (Anjeer, Anjir) |
| अंग्रेज़ी | Fig, Dried fig |
| वानस्पतिक नाम | Ficus carica |
अंजीर में क्या होता है?
सूखे अंजीर में मुख्य रूप से ये पोषक तत्व होते हैं:
- फ़ाइबर: पाचन और नियमित मल त्याग के लिए
- पोटैशियम और मैग्नीशियम
- कैल्शियम और आयरन
- प्राकृतिक शक्कर: तुरंत ऊर्जा देती है, पर मात्रा का ध्यान रखें
अंजीर खाने के फायदे
1. कब्ज़ में सहायक
फ़ाइबर से भरपूर होने की वजह से अंजीर मल को नरम और नियमित रखने में मदद करता है। भिगोए अंजीर कब्ज़ के पुराने घरेलू नुस्खों में शामिल हैं (देखें: बवासीर डाइट चार्ट)।
2. ऊर्जा का अच्छा स्रोत
प्राकृतिक शक्कर और फ़ाइबर के साथ अंजीर एक पौष्टिक नाश्ता है, जो मीठे बिस्किट या मिठाई का बेहतर विकल्प है।
3. हड्डियों के लिए खनिज
अंजीर में कैल्शियम, पोटैशियम और मैग्नीशियम होते हैं, जो संतुलित आहार का हिस्सा हैं।
4. खून की कमी वाले आहार में
अंजीर में कुछ आयरन होता है, इसलिए इसे आयरन-युक्त आहार में शामिल किया जाता है। खून की कमी (एनीमिया) का इलाज डॉक्टर की सलाह से ही करें।
5. महिलाओं के आहार में
आयरन और कैल्शियम की वजह से अंजीर को महिलाओं के रोज़ के आहार में एक पौष्टिक विकल्प माना जाता है।
ध्यान दें: अंजीर एक पौष्टिक खाद्य है, किसी बीमारी का इलाज नहीं।
अंजीर खाने का सही तरीका और समय
- रात को 2–3 सूखे अंजीर आधे कप पानी में भिगो दें।
- सुबह खाली पेट अंजीर खाएँ और चाहें तो वह पानी भी पी लें।
- दिन में नाश्ते के तौर पर भी खा सकते हैं, या दूध के साथ (अंजीर वाला दूध)।
कब्ज़ में अंजीर कैसे खाएं?
रात भर भिगोए 2–3 अंजीर सुबह खाली पेट खाएँ, साथ में दिन भर भरपूर पानी पिएँ। चाहें तो रात को इसबगोल भी लें। कब्ज़ 2–3 हफ़्ते से ज़्यादा रहे तो डॉक्टर को दिखाएँ।
1 दिन में कितने अंजीर खाने चाहिए?
| किसके लिए | मात्रा (सूखे अंजीर) |
|---|---|
| सामान्य वयस्क | 2–3 अंजीर रोज़ |
| बच्चे (5 साल से ऊपर) | 1 अंजीर, भिगोकर या बारीक काटकर |
| शुगर वाले | 1–2 अंजीर, डॉक्टर की सलाह से |
अंजीर के नुकसान और सावधानियाँ
- ज़्यादा खाने से दस्त, गैस या पेट फूल सकता है।
- शुगर (डायबिटीज़): सूखे अंजीर में शक्कर ज़्यादा होती है; मात्रा सीमित रखें।
- खून पतला करने की दवा (जैसे warfarin) ले रहे हों तो डॉक्टर से पूछें।
- दुर्लभ मामलों में एलर्जी हो सकती है।
अच्छे अंजीर कैसे पहचानें?
- नरम, थोड़ा चिपचिपा और एक-सी हल्की भूरी रंगत; बहुत सख़्त या सूखे नहीं।
- सफ़ेद पाउडर जैसी परत प्राकृतिक शक्कर होती है, फफूँदी नहीं; पर हरे या काले धब्बे हों तो न खाएँ।
- अंदर के बीज साफ़ दिखें और खट्टी या बासी गंध न हो।
सूखा अंजीर बनाम ताज़ा अंजीर
| सूखा अंजीर | ताज़ा अंजीर | |
|---|---|---|
| उपलब्धता | साल भर | मौसमी (कुछ ही महीने) |
| पोषक तत्व | ज़्यादा सघन, फ़ाइबर और खनिज ज़्यादा प्रति ग्राम | पानी ज़्यादा, हल्का |
| प्राकृतिक शक्कर | ज़्यादा सघन | कम |
| कैसे खाएँ | भिगोकर, दूध में, मिठाइयों में | सीधे फल के रूप में |
| रखने की अवधि | महीनों तक (एयरटाइट डिब्बे में) | 2–3 दिन (फ्रिज में) |
अंजीर खाने के 5 आसान तरीके
- भिगोकर: रात भर 2–3 अंजीर पानी में भिगोकर सुबह खाएँ। यह सबसे पारंपरिक तरीका है।
- अंजीर वाला दूध: 2 अंजीर को थोड़े दूध में भिगोएँ, फिर गुनगुने दूध के साथ पीस लें। रात को पीने के लिए अच्छा है।
- नाश्ते में: दलिया या ओट्स में कटे अंजीर डालें; अलग से चीनी डालने की ज़रूरत नहीं पड़ती।
- बिना चीनी के लड्डू: अंजीर, खजूर और मेवे पीसकर छोटे लड्डू बनाएँ; मीठे की इच्छा का बेहतर विकल्प।
- सलाद और चटनी में: कटे अंजीर सलाद में या पुदीने के साथ चटनी में।
गर्भावस्था में अंजीर
अंजीर एक सामान्य खाद्य है और गर्भावस्था में भी संतुलित मात्रा में खाया जाता है। इसका फ़ाइबर गर्भावस्था की आम कब्ज़ में सहायक हो सकता है, और इसमें कुछ आयरन और कैल्शियम भी होता है। फिर भी मात्रा सीमित रखें (1–2 अंजीर रोज़), क्योंकि इसमें शक्कर ज़्यादा होती है, खासकर जिन्हें गर्भावस्था में शुगर (gestational diabetes) की शिकायत हो। अपने आहार के बारे में डॉक्टर से सलाह लें।
बच्चों के लिए अंजीर
5 साल से बड़े बच्चों को 1 अंजीर भिगोकर या बारीक काटकर दिया जा सकता है। छोटे बच्चों के लिए सूखा अंजीर चबाना मुश्किल हो सकता है, इसलिए इसे पीसकर या दूध में मिलाकर दें। बच्चों को कब्ज़ के लिए कुछ भी देने से पहले, खासकर 2 साल से छोटे बच्चों को, डॉक्टर से पूछें।
अंजीर की तासीर: गर्म या ठंडी?
घरेलू आयुर्वेदिक परंपरा में सूखे अंजीर की तासीर गर्म मानी जाती है, इसलिए इसे अक्सर भिगोकर और सर्दियों में ज़्यादा खाया जाता है। ताज़ा अंजीर अपेक्षाकृत ठंडा माना जाता है। गर्मियों में सूखे अंजीर भिगोकर ही खाएँ और मात्रा कम रखें।
अंजीर, खजूर और आलूबुखारा: कौन-सा सूखा मेवा चुनें?
| अंजीर | खजूर | आलूबुखारा (prunes) | |
|---|---|---|---|
| मुख्य खूबी | फ़ाइबर + कैल्शियम | तुरंत ऊर्जा | कब्ज़ के लिए सबसे जाना-माना |
| मिठास | मध्यम-ज़्यादा | बहुत ज़्यादा | मध्यम, हल्का खट्टापन |
| रोज़ की मात्रा | 2–3 | 2–3 | 3–4 |
कब्ज़ के लिए अंजीर और आलूबुखारा दोनों अच्छे हैं; बहुत मीठे से बचना हो तो आलूबुखारा हल्का विकल्प है।
अंजीर को कैसे स्टोर करें?
- एयरटाइट डिब्बे में, ठंडी और सूखी जगह पर रखें।
- गर्मी और नमी में फ्रिज में रखना बेहतर है; इससे कीड़े और फफूँदी नहीं लगते।
- भिगोए हुए अंजीर उसी दिन खा लें।
अंजीर वाला दूध कैसे बनाएँ?
- 2 सूखे अंजीर को छोटे टुकड़ों में काटकर आधा कप गुनगुने दूध में 20–30 मिनट भिगो दें।
- भीगे अंजीर को उसी दूध के साथ पीसकर चिकना पेस्ट बना लें।
- इसे एक कप गरम दूध में मिलाएँ; चाहें तो एक चुटकी इलायची डालें।
- अलग से चीनी न डालें; अंजीर की मिठास काफ़ी है।
यह रात को सोने से पहले लेने के लिए अच्छा है, खासकर सर्दियों में। जिन्हें दूध नहीं पचता, वे भिगोए अंजीर पानी के साथ ही खाएँ।
क्या अंजीर त्वचा और बालों के लिए अच्छा है?
अंजीर को सीधे त्वचा या बालों पर लगाने के फायदों के पक्के सबूत नहीं हैं। पर संतुलित आहार का हिस्सा होने की वजह से अंजीर का फ़ाइबर, खनिज और एंटीऑक्सीडेंट शरीर के समग्र स्वास्थ्य में योगदान देते हैं, जिसका असर त्वचा और बालों पर भी दिखता है। त्वचा की देखभाल के लिए मुल्तानी मिट्टी फेस पैक जैसे परखे हुए घरेलू उपाय बेहतर हैं।
अंजीर खाते समय आम गलतियाँ
- मुट्ठी भर खा लेना: सूखे अंजीर में शक्कर और कैलोरी सघन होती है; 2–3 काफ़ी हैं।
- बिना भिगोए ज़्यादा खाना: सूखे सख़्त अंजीर पचाने में भारी लग सकते हैं; भिगोकर खाएँ।
- ऊपर से चीनी मिलाना: अंजीर वाले दूध या लड्डू में अलग चीनी की ज़रूरत नहीं।
- गीले हाथ या खुले डिब्बे में रखना: नमी से फफूँदी और कीड़े लग जाते हैं।
- कब्ज़ के लिए सिर्फ़ अंजीर पर निर्भर रहना: साथ में पानी, सब्ज़ियाँ और चलना-फिरना भी ज़रूरी है।
अंजीर कहाँ से खरीदें?
Dhanyawad Ayurved पर अंजीर (Fig) 100g ₹180 और 1kg ₹1,680 में मिलता है, पूरे भारत में डिलीवरी के साथ। कब्ज़ के लिए आलूबुखारा भी एक अच्छा सूखा मेवा है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
अंजीर खाने का सबसे अच्छा समय क्या है?
रात भर भिगोए अंजीर सुबह खाली पेट खाना सबसे आम तरीका है। दिन में नाश्ते के तौर पर भी खा सकते हैं।
क्या अंजीर रोज़ खा सकते हैं?
हाँ, 2–3 सूखे अंजीर रोज़ खाना सामान्यतः ठीक है। ज़्यादा खाने से दस्त या पेट फूल सकता है।
क्या शुगर के मरीज अंजीर खा सकते हैं?
सीमित मात्रा में (1–2 अंजीर) और डॉक्टर की सलाह से, क्योंकि सूखे अंजीर में प्राकृतिक शक्कर ज़्यादा होती है।
अंजीर को अंग्रेज़ी में क्या कहते हैं?
Fig, और सूखे अंजीर को dried fig। वानस्पतिक नाम Ficus carica है।
अंजीर की तासीर गर्म होती है या ठंडी?
सूखे अंजीर की तासीर गर्म मानी जाती है, इसलिए इसे भिगोकर खाया जाता है। ताज़ा अंजीर अपेक्षाकृत ठंडा माना जाता है।
क्या अंजीर खाने से वज़न बढ़ता है?
2–3 अंजीर रोज़ से आम तौर पर नहीं। पर सूखे अंजीर में कैलोरी और शक्कर ज़्यादा होती है, इसलिए बहुत ज़्यादा खाने से वज़न बढ़ सकता है।
क्या गर्भावस्था में अंजीर खा सकते हैं?
हाँ, संतुलित मात्रा (1–2 अंजीर) में। गर्भावस्था में शुगर की शिकायत हो तो डॉक्टर से पूछें।
अंजीर वाला दूध कब पीना चाहिए?
रात को सोने से पहले, खासकर सर्दियों में। 2 भीगे अंजीर को दूध के साथ पीसकर, बिना अलग चीनी के पिएँ।
स्रोत
Written by the Dhanyawad Ayurved team and reviewed by Vaidya Ravinder Arora (40+ years), Dhanyawad Ayurved Vatika, Dwarka, New Delhi. This article describes traditional uses for general information. It is not medical advice. Consult a qualified doctor or Ayurvedic practitioner before using any herb therapeutically.
