🌐 Read in English

मुल्तानी मिट्टी के फायदे, फेस पैक और बालों में उपयोग | Multani Mitti ke Fayde

मुल्तानी मिट्टी चेहरे, तैलीय त्वचा और बालों के लिए कैसे लगाएँ, कितनी बार लगाएँ और असली कैसे पहचानें।

मुल्तानी मिट्टी के फायदे, फेस पैक और बालों में उपयोग | Multani Mitti ke Fayde
संक्षेप में

मुल्तानी मिट्टी (Multani Mitti, Fuller's earth) एक प्राकृतिक चिकनी मिट्टी है जो त्वचा और स्कैल्प का अतिरिक्त तेल और गंदगी सोखती है। इसे गुलाब जल, दही या शहद के साथ फेस पैक बनाकर हफ़्ते में 1–2 बार लगाया जाता है। यह केवल बाहरी उपयोग के लिए है, इसे खाना नहीं चाहिए।

मुख्य बातें
  • मुल्तानी मिट्टी (Fuller's earth) एक प्राकृतिक चिकनी मिट्टी है जो त्वचा का अतिरिक्त तेल और गंदगी सोखती है।
  • तैलीय त्वचा के लिए हफ़्ते में 2 बार, और रूखी त्वचा के लिए हफ़्ते में 1 बार फेस पैक काफ़ी है।
  • रूखी त्वचा पर इसे गुलाब जल, दही या शहद के साथ मिलाकर लगाएँ, और पूरी तरह सूखने से पहले धो लें।
  • बालों में यह स्कैल्प का तेल और चिपचिपापन कम करने के लिए लगाई जाती है।
  • मुल्तानी मिट्टी खानी नहीं चाहिए; यह केवल बाहरी उपयोग के लिए है।

मुल्तानी मिट्टी क्या है?

मुल्तानी मिट्टी एक प्राकृतिक खनिज मिट्टी है, जिसमें मुख्य रूप से एल्यूमिनियम सिलिकेट और मैग्नीशियम, कैल्शियम जैसे खनिज होते हैं। इसका नाम मुल्तान शहर से पड़ा, जहाँ से यह पहले व्यापार के लिए आती थी। इसकी सबसे ख़ास बात है तेल और गंदगी सोखने की क्षमता। (हमारी मुल्तानी मिट्टी साबुत और पाउडर दोनों में मिलती है।)

भाषा नाम
हिंदी मुल्तानी मिट्टी (Multani Mitti)
अंग्रेज़ी Fuller's earth

मुल्तानी मिट्टी के फायदे

1. तैलीय त्वचा के लिए

मुल्तानी मिट्टी त्वचा का अतिरिक्त तेल सोख लेती है, इसलिए तैलीय (oily) त्वचा वालों के लिए यह सबसे लोकप्रिय घरेलू फेस पैक है।

2. रोमछिद्रों की गहरी सफ़ाई

यह रोमछिद्रों में जमी गंदगी और तेल खींचने में मदद करती है, जिससे त्वचा साफ़ और ताज़ा महसूस होती है।

3. चेहरे पर ताज़गी और निखार

फेस पैक से त्वचा की ऊपरी गंदगी हटती है और चेहरा साफ़ और चमकदार दिखता है। यह रंग नहीं बदलती; केवल सफ़ाई से निखार आता है।

4. बालों और स्कैल्प के लिए

स्कैल्प पर लगाने से तेल और चिपचिपापन कम होता है। पारंपरिक रूप से इसे रीठा और शिकाकाई के साथ बालों की सफ़ाई में इस्तेमाल किया जाता है।

5. गर्मी में ठंडक

गीली मुल्तानी मिट्टी त्वचा पर ठंडक देती है, इसलिए गर्मी में इसका लेप लगाया जाता है।

चेहरे के लिए मुल्तानी मिट्टी फेस पैक

त्वचा का प्रकार फेस पैक
तैलीय त्वचा 2 चम्मच मुल्तानी मिट्टी + गुलाब जल
रूखी त्वचा 1 चम्मच मुल्तानी मिट्टी + 1 चम्मच दही + ½ चम्मच शहद
सामान्य त्वचा 1 चम्मच मुल्तानी मिट्टी + चुटकी हल्दी + गुलाब जल या कच्चा दूध
मुहाँसे वाली त्वचा 2 चम्मच मुल्तानी मिट्टी + गुलाब जल + 2–3 बूँद नींबू रस (संवेदनशील त्वचा पर नींबू न डालें)

फेस पैक लगाने का तरीका

  1. चेहरा धोकर पोंछ लें।
  2. पैक की पतली परत लगाएँ, आँखों और होठों के आसपास न लगाएँ।
  3. 10–15 मिनट रखें। पूरी तरह सूखकर तड़कने से पहले धो लें।
  4. गुनगुने पानी से धोएँ और मॉइस्चराइज़र लगाएँ।

बालों में मुल्तानी मिट्टी कैसे लगाएँ?

  1. 3–4 चम्मच मुल्तानी मिट्टी को पानी या दही में घोलकर गाढ़ा पेस्ट बनाएँ।
  2. स्कैल्प और बालों पर लगाएँ, 20–30 मिनट रखें।
  3. सादे पानी से धो लें, फिर हल्के शैम्पू से।

हर्बल देखभाल के लिए हमारा हर्बल शैम्पू भी देखें।

मुल्तानी मिट्टी 1 हफ़्ते में कितनी बार लगानी चाहिए?

तैलीय त्वचा पर हफ़्ते में 2 बार, सामान्य त्वचा पर 1–2 बार, और रूखी या संवेदनशील त्वचा पर हफ़्ते में 1 बार, वह भी दही या शहद मिलाकर। रोज़ लगाने से त्वचा रूखी हो सकती है।

रात को मुल्तानी मिट्टी लगाकर सोना चाहिए?

नहीं। मुल्तानी मिट्टी को 10–15 मिनट से ज़्यादा नहीं रखना चाहिए। रात भर लगी रहने से यह त्वचा की नमी भी सोख लेगी और रूखापन, खिंचाव या जलन हो सकती है।

असली मुल्तानी मिट्टी की पहचान कैसे करें?

  • रंग हल्का पीला-भूरा या क्रीम; बहुत चमकीला या सफ़ेद रंग मिलावट का संकेत हो सकता है।
  • हाथ पर रगड़ने से बारीक और चिकनी लगे, किरकिरी न हो।
  • पानी में डालने पर चिकना घोल बने और ज़्यादा झाग न बने।
  • मिट्टी जैसी हल्की प्राकृतिक गंध; कोई ख़ुशबू या केमिकल गंध न हो।

मुल्तानी मिट्टी के नुकसान और सावधानियाँ

  • खाएँ नहीं: मुल्तानी मिट्टी खाने से पेट की समस्याएँ और पोषक तत्वों के अवशोषण में रुकावट हो सकती है। गर्भावस्था में मिट्टी खाने की तलब (pica) हो तो डॉक्टर को बताएँ।
  • रूखी त्वचा पर ज़्यादा लगाने से खिंचाव और रूखापन।
  • पहली बार कलाई पर पैच टेस्ट करें।
  • खुले घाव या कटी त्वचा पर न लगाएँ।
Multani Mitti | Fuller's Earth | मुल्तानी मिट्टी
From Dhanyawad Ayurved
Multani Mitti | Fuller's Earth | मुल्तानी मिट्टी
Rs. 15.00
View product

मुल्तानी मिट्टी कैसे काम करती है?

मुल्तानी मिट्टी की बनावट में बहुत बारीक कण होते हैं, जिनकी सतह तेल, पसीना और गंदगी को अपनी ओर खींच लेती है। जब यह गीली लगाई जाती है और धीरे-धीरे सूखती है, तो त्वचा की ऊपरी सतह से अतिरिक्त तेल और मैल अपने साथ ले आती है। इसी वजह से धोने के बाद त्वचा साफ़, कम चिकनी और ताज़ा लगती है। यही गुण इसे रूखी त्वचा पर ज़्यादा रूखापन भी दे सकता है, इसलिए त्वचा के प्रकार के हिसाब से मिलाने वाली चीज़ें बदलनी चाहिए।

मुल्तानी मिट्टी बनाम बेसन: चेहरे के लिए कौन बेहतर?

मुल्तानी मिट्टी बेसन
सबसे अच्छा तैलीय त्वचा, गहरी सफ़ाई सामान्य और मिश्रित त्वचा, हल्का स्क्रब
असर तेल ज़्यादा सोखती है हल्की सफ़ाई, कम रूखापन
रूखी त्वचा पर दही या शहद मिलाकर, हफ़्ते में 1 बार दूध या मलाई मिलाकर
साथ में गुलाब जल, दही, शहद, चंदन हल्दी, दही, दूध

बहुत तैलीय त्वचा पर मुल्तानी मिट्टी बेहतर रहती है; सामान्य त्वचा पर दोनों को आधा-आधा मिलाकर भी लगाया जाता है।

टैनिंग (धूप की कालिमा) के लिए फेस पैक

  1. 1 चम्मच मुल्तानी मिट्टी, 1 चम्मच दही और थोड़ा गुलाब जल मिलाएँ।
  2. चेहरे, गर्दन या हाथों की धूप से झुलसी जगह पर पतली परत लगाएँ।
  3. 10–15 मिनट बाद, पूरी तरह सूखने से पहले धो लें।
  4. हफ़्ते में 1–2 बार लगाएँ, और धूप में सनस्क्रीन ज़रूर लगाएँ।

ध्यान दें: मुल्तानी मिट्टी त्वचा का प्राकृतिक रंग नहीं बदलती। यह सफ़ाई और ऊपरी मैल हटाकर त्वचा को साफ़ और ताज़ा दिखाती है। "गोरा करने" के दावे वाले नुस्खों पर भरोसा न करें।

मुहाँसों वाली त्वचा पर कैसे लगाएँ?

तैलीय और मुहाँसों वाली त्वचा पर मुल्तानी मिट्टी और गुलाब जल का सादा पैक हफ़्ते में 1–2 बार लगाया जा सकता है, क्योंकि यह अतिरिक्त तेल सोखती है। चेहरे को रगड़ें नहीं, और फूटे या दर्द वाले मुहाँसों पर न लगाएँ। मुहाँसे बहुत ज़्यादा, दर्द वाले या दाग़ छोड़ने वाले हों तो त्वचा विशेषज्ञ (dermatologist) को दिखाएँ।

रूखी त्वचा पर मुल्तानी मिट्टी

रूखी त्वचा पर केवल पानी या गुलाब जल के साथ मुल्तानी मिट्टी लगाने से खिंचाव और रूखापन बढ़ सकता है। इसके बजाय 1 चम्मच मुल्तानी मिट्टी में 1 चम्मच दही और ½ चम्मच शहद या 2–3 बूँद बादाम तेल मिलाएँ, 8–10 मिनट में धो लें, और तुरंत मॉइस्चराइज़र लगाएँ।

बालों के लिए और पैक

समस्या पैक
चिपचिपा स्कैल्प मुल्तानी मिट्टी + पानी या छाछ
रूखे बाल मुल्तानी मिट्टी + दही + कुछ बूँद नारियल तेल
बालों की सफ़ाई मुल्तानी मिट्टी + रीठा और शिकाकाई का पानी

हफ़्ते में एक बार काफ़ी है। रंगे हुए बालों पर पहले एक लट पर आज़माएँ।

आयुर्वेद में मुल्तानी मिट्टी

आयुर्वेदिक और घरेलू परंपरा में मिट्टी का लेप ठंडक देने वाला माना गया है, और इसे गर्मी, पसीने और तैलीय त्वचा में लगाया जाता रहा है। पुराने समय में नहाने के लिए साबुन की जगह भी मुल्तानी मिट्टी का उपयोग होता था।

फेस पैक लगाते समय आम गलतियाँ

  • पैक को पूरी तरह सूखकर तड़कने देना, जिससे त्वचा रूखी होती है।
  • रोज़ लगाना; हफ़्ते में 1–2 बार काफ़ी है।
  • रूखी त्वचा पर केवल पानी के साथ लगाना।
  • धोने के बाद मॉइस्चराइज़र न लगाना।
  • आँखों के आसपास की नाज़ुक त्वचा पर लगाना।

मुल्तानी मिट्टी कहाँ से खरीदें?

Dhanyawad Ayurved की मुल्तानी मिट्टी (Fuller's Earth) साबुत टुकड़ों और पाउडर में मिलती है: 100g केवल ₹15, पूरे भारत में डिलीवरी के साथ।

मुल्तानी मिट्टी खरीदें →

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

मुल्तानी मिट्टी चेहरे पर कितनी देर लगानी चाहिए?

10–15 मिनट, और पूरी तरह सूखकर तड़कने से पहले धो लें।

क्या मुल्तानी मिट्टी रोज़ लगा सकते हैं?

नहीं, रोज़ लगाने से त्वचा रूखी हो सकती है। तैलीय त्वचा पर हफ़्ते में 2 बार और रूखी त्वचा पर 1 बार काफ़ी है।

क्या गर्भावस्था में मुल्तानी मिट्टी खाना सुरक्षित है?

नहीं। मिट्टी खाना किसी के लिए भी सुरक्षित नहीं माना जाता। गर्भावस्था में मिट्टी खाने की तलब हो तो यह आयरन की कमी का संकेत हो सकता है; डॉक्टर से मिलें।

मुल्तानी मिट्टी को अंग्रेज़ी में क्या कहते हैं?

Fuller's earth।

क्या मुल्तानी मिट्टी से टैनिंग हटती है?

मुल्तानी मिट्टी और दही का पैक त्वचा की ऊपरी मैल हटाकर धूप से झुलसी त्वचा को साफ़ और ताज़ा दिखा सकता है। यह त्वचा का प्राकृतिक रंग नहीं बदलता; धूप में सनस्क्रीन लगाएँ।

मुल्तानी मिट्टी और बेसन में कौन बेहतर है?

तैलीय त्वचा के लिए मुल्तानी मिट्टी, और सामान्य या हल्की रूखी त्वचा के लिए बेसन बेहतर रहता है। दोनों को मिलाकर भी लगाया जा सकता है।

क्या मुल्तानी मिट्टी मुहाँसों पर लगा सकते हैं?

तैलीय, मुहाँसों वाली त्वचा पर गुलाब जल के साथ हफ़्ते में 1–2 बार लगा सकते हैं। फूटे या दर्द वाले मुहाँसों पर न लगाएँ; ज़्यादा मुहाँसों में त्वचा विशेषज्ञ से मिलें।

स्रोत

Multani Mitti | Fuller's Earth | मुल्तानी मिट्टी
From Dhanyawad Ayurved
Multani Mitti | Fuller's Earth | मुल्तानी मिट्टी
Rs. 15.00
View product

Written by the Dhanyawad Ayurved team and reviewed by Vaidya Ravinder Arora (40+ years), Dhanyawad Ayurved Vatika, Dwarka, New Delhi. This article describes traditional uses for general information. It is not medical advice. Consult a qualified doctor or Ayurvedic practitioner before using any herb therapeutically.