पान की जड़ (कुलंजन) के फायदे, उपयोग और सावधानियाँ | Pan ki Jad ke Fayde
पान की जड़ और कुलंजन एक ही जड़ी के दो नाम हैं। जानिए इसके पारंपरिक फायदे, इस्तेमाल का तरीका और सावधानियाँ।

पान की जड़ (Pan ki Jad / Paan ki Jad), जिसे कुलंजन भी कहते हैं, अदरक परिवार के पौधे Alpinia galanga (greater galangal) की सूखी गाँठ है। पारंपरिक रूप से इसे गले और आवाज़ के लिए चबाया जाता है, सर्दियों के काढ़े में उबाला जाता है, और थोड़ी मात्रा में पाचन के लिए लिया जाता है।
- पान की जड़ और कुलंजन एक ही जड़ी हैं: Alpinia galanga (greater galangal) की सूखी गाँठ।
- इसका सबसे जाना-माना पारंपरिक उपयोग गले और आवाज़ के लिए छोटा टुकड़ा चबाना है।
- सर्दियों के काढ़े में इसे तुलसी, अदरक और मुलेठी के साथ उबाला जाता है।
- तासीर गर्म है, इसलिए थोड़ी मात्रा (¼–½ चम्मच चूर्ण) ही लें।
- गर्भावस्था, स्तनपान या नियमित दवा के समय पहले डॉक्टर से सलाह लें।
कुलंजन क्या है?
कुलंजन (कुलिंजन) अदरक जैसे पौधे Alpinia galanga की ज़मीन के नीचे की गाँठ (rhizome) है। अंग्रेज़ी में इसे greater galangal या Thai ginger कहते हैं। नाम "पान की जड़" होने के बावजूद यह पान की बेल की जड़ नहीं है। यह एक पुराना व्यापारिक नाम है, जिसकी पूरी कहानी हमारे लेख पान की जड़ = कुलंजन में पढ़ें।
असली कुलंजन कैसा होता है?
- गाँठदार, शाखाओं वाले, लाल-भूरे टुकड़े, जिन पर बराबर दूरी पर छल्ले होते हैं
- सूखी रेशेदार जड़ों के गुच्छे
- काटने पर अंदर से हल्का क्रीम-नारंगी और रेशेदार
- तीखी, मसालेदार, कपूर जैसी हल्की गंध
कुलंजन के पारंपरिक फायदे
1. गले और आवाज़ के लिए
यह कुलंजन का सबसे जाना-माना उपयोग है। गायक, शिक्षक और वक्ता इसका छोटा टुकड़ा मुँह में रखकर धीरे-धीरे चबाते हैं।
2. सर्दियों का काढ़ा
ठंड के मौसम में कुलंजन को तुलसी, अदरक और मुलेठी के साथ उबालकर गुनगुना काढ़ा पिया जाता है।
3. पाचन
इसकी तासीर गर्म (उष्ण) मानी जाती है। भारी भोजन के बाद थोड़ी मात्रा में इसे पाचन के लिए लिया जाता है।
4. रसोई में
थाई और इंडोनेशियाई करी और सूप में कुलंजन (galangal) मुख्य मसाला है। भारत में कुछ बिरयानी और गरम मसालों में भी डाला जाता है।
ध्यान दें: ये पारंपरिक उपयोग हैं, सिद्ध चिकित्सा दावे नहीं। कुलंजन किसी दवा का विकल्प नहीं है।
कुलंजन कैसे लें?
| तरीका | कैसे |
|---|---|
| चबाना | लगभग आधा इंच का टुकड़ा धीरे-धीरे चबाएँ, दिन में 1–2 बार |
| चूर्ण | ¼ से ½ चम्मच, शहद या गुनगुने पानी के साथ, दिन में एक बार |
| काढ़ा | 1–2 छोटे टुकड़े 2 कप पानी में उबालें, आधा रहने पर छानकर पिएँ |
और तरीके: पान की जड़ (कुलंजन) इस्तेमाल करने की गाइड।
कुलंजन के नुकसान और सावधानियाँ
- इसकी तासीर गर्म है। ज़्यादा मात्रा से एसिडिटी या पेट में जलन हो सकती है।
- गर्भावस्था और स्तनपान में दवा जितनी मात्रा न लें।
- कोई बीमारी हो या नियमित दवा चल रही हो, तो पहले डॉक्टर या आयुर्वेदाचार्य से सलाह लें।
- बच्चों की पहुँच से दूर रखें।
कुलंजन कहाँ से खरीदें?
Dhanyawad Ayurved की पान की जड़ (कुलंजन) साबुत टुकड़ों और चूर्ण, दोनों रूपों में मिलती है: ₹320 में 100g, पूरे भारत में डिलीवरी के साथ।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या पान की जड़ और कुलंजन एक ही हैं?
हाँ। पान की जड़ कुलंजन का ही व्यापारिक नाम है।
कुलंजन को अंग्रेज़ी में क्या कहते हैं?
Greater galangal, या galangal root।
कुलंजन की तासीर कैसी होती है?
गर्म। इसलिए इसे थोड़ी मात्रा में ही लें।
कुलंजन की कीमत क्या है?
Dhanyawad Ayurved पर 100g पान की जड़ (कुलंजन) ₹320 में मिलती है।
स्रोत
Written by the Dhanyawad Ayurved team and reviewed by Vaidya Ravinder Arora (40+ years), Dhanyawad Ayurved Vatika, Dwarka, New Delhi. This article describes traditional uses for general information. It is not medical advice. Consult a qualified doctor or Ayurvedic practitioner before using any herb therapeutically.